अधिवक्ता द्वारा महिला संग दुष्कर्म मामले को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन

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PNN/ Faridabad: अधिवक्ता अनिल तोमर द्वारा अपने दिंवग्त भाई अरूण कुमार तोमर की पत्नी सुमन लता के साथ दुष्कर्म मामलें को लेकर पीड़ित महिला निवासी, मकान नम्बर-3756, नियर न्यू लाइट स्कूल जवाहर कालोनी ने आज एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता अनिल तोमर के खिलाफ दुष्कर्म मामलें में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद उक्त महिला पर निंरतर धमकी देकर केस वापस लेने की दबाव बनाया जा रहा है. आरोप है कि पीड़िता और उसके सहयोगियों को निरंतर फोन पर व प्रत्यक्ष रूप से केस वापिस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। और बात ना मानने पर झूठे मुकदमें और जान से मारने की धमकी दी गई है। इतना ही नही पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी संशय की स्थिती पीड़िता के मन में बनी हुई है। पीडिता का कहना है कि दवाब के चलते आरोपी को गिरफ्तार नही किया जा रहा है।
पीड़िता ने बताया कि महिला थाना एनआईटी फरीदाबाद में आरोपी के खिलाफ मुकदमा (एफआइआर नम्बर-0080) पंजीकृत किया जा चुका है। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सिर्फ खानापूर्ति कर दी है। सुमन लता का आरोप है कि आरोपी अधिवक्ता अनिल तोमर ने अभी तक उनके बच्चों को बंदी बनाया हुआ है।

पीड़ित महिला सुमन लता ने बताया कि उसकी विवाह 16 वर्ष पूर्व स्वर्गीय अरूण कुमार तोमर संग हिंदू रीती-रिवाज के अनुसार हुई थी। पीड़ित महिला के दो बच्चे हैं। महिला ने बताया कि उसके पति का निधन वर्ष 2016 में होने के बाद उसका जेठ अनिल तोमर जो कि पेशे से खुद को वकील बताता है पीड़िता पर बदनियत रखने लगा। महिला ने आगे बताया कि जब मेरे जेठ अनिल तोमर द्वारा 9 अप्रैल 2019 की सुबह को तकरीबन 2 बजे दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया तो यह बात बर्दाश्त से बाहर हो गई। मैंने तुंरत इसका विरोध किया। विरोध किए जाने पर जेठ ने मुझे जान से मारने का प्रयास किया पर मैने शोर मचाए जाने की बात कही जिसके बाद वह वहा से चुपचाप निकल गया। उस दिन के बाद से ही मेरे जेठ अनिल तोमर ने मुझे पहले से अधिक मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बिना बात के मुझसे मारपीट और अपनी शारीरिक संबध बनाए जाने के दवाब दिया जाने लगा। मारपीट में मेरी जेठानी और सास भी शामिल थी। जब मेरे द्वारा जेठ की बात नही मानी गई तो उसने मेरे साथ मारपीट कर घर से 11 मई को निकाल दिया और मेरे दोनो बच्चों को बंदी बनाकर मुझे नही मिलने दिया। मजबूरी में मै अपने मायके चली आई तथा हालफिलहाल वही रह रही हूं।
पीड़िता के समर्थन में सामाजिक संगठन ब्राहण समाज भी उतर आया है। वार्ता में ब्राहाण समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र बबली का कहना था कि समाज में महिलाओं कें प्रति बढ़ते अपराध पर सरकार अंकुश लगाए और पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाही करते हुए आरोपियों को सजा दिलवाए।

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