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भारत आया राफेल, यह है इसकी खासियत

PNN India: अरसे से इंतजार राफेल लड़ाकू विमान की आज भारतीय वायुसेना अंबाला एयरबेस पर बाहें खोलकर स्वागत करने के लिए तैयार है. अनुमानतः आज दोपहर तक पांच राफेल विमान अंबाला एयरबेस की हवाई पट्टी को चूमेंगे. यह राफेल विमान फ्रांस से सीधे अंबाला एयरबेस आ रहे हैं.

भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो रहे राफेल लड़ाकू विमान की चर्चा देश के अंदर आजकल खूब हो रही है. ऐसे में भारत के नागरिक होने के नाते यह हम सभी की दायित्व है कि हमें अपने सैन्य शक्ति के बारे में जानकारी हो.

दरअसल, राफेल की गिनती आधुनिक वक्त के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में होती है, ऐसे में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होना काफी अहम हो जाता है. इसे भारत की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है, जिसकी भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने ट्रेनिंग भी ली है.

1. भारत को जो पांच राफेल लड़ाकू विमान मिल रहे हैं, उनमें तीन सिंगल सीटर हैं और दो डबल सीटर हैं. इनको वायुसेना की गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा.

2. राफेल का कॉम्बैट रेडियस 3700 KM. है, कॉम्बैट रेडियस यानी अपनी उड़ानस्थल से जितनी दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे विमान का कॉम्बैट रेडियस कहते हैं.

3. भारत को मिलने वाले राफेल में तीन तरह की मिसाइल लग सकती हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प और हैमर मिसाइल. इन मिसाइलों से लैस होने के बाद राफेल काल बनकर दुश्मनों पर टूट पड़ेगा.

4. भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें हैमर मिसाइल लगवाई है. HAMMER यानी Highly Agile Modular Munition Extended Range एक ऐसी मिसाइल हैं, जिनका इस्तेमाल कम दूरी के लिए किया जाता है. ये मिसाइल आसमान से जमीन पर वार करने के लिए कारगर साबित हो सकती हैं.

5. HAMMER का इस्तेमाल मुख्य रूप से बंकर या कुछ छुपे हुए स्थानों को तबाह करना होता है. ईस्टर्न लद्दाख की पहाड़ियों में ये मिसाइल काफी मददगार साबित होंगी.

6. राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है. जो कि पाकिस्तान के F-16 या चीन के J-20 से बेहतर आंकड़ा है.

7. चीन के साथ जारी तनाव के कारण राफेल को अंबाला एयरबेस पर उतारा जा रहा है. साफ है कि अंबाला एयरबेस उत्तर भारत में वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में एक है. यही कारण है कि अगर जरूरत पड़ती है तो तुरंत इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

8. भारत को फ्रांस से राफेल के कुल 36 विमान मिलने हैं, इनमें ये पांच आज भारत पहुंच रहे हैं. जबकि अन्य पांच जल्द ही कुछ महीनों में पहुंच जाएंगे, 2021-22 तक भारत को सभी 36 विमान मिल सकते हैं.

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Shafi-Author

Shafi Shiddique