PNN India: कोरोना वायरस को लेकर सबसे पहले दुनिया को चेताने वाले चीनी डॉक्टर ली वेनलियान्ग की गुरुवार को मौत हो गई. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक डॉक्टर ली वेनलियान्ग की मौत कोरोना वायरस की चपेट में आने से हुई है. जब चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की खबर को छिपाने की कोशिश की जा रही थी, तब डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने अस्पताल से वीडियो पोस्ट करके कोरोना वायरस को लेकर लोगों को चेताया था.

ली वेनलियांग ने पिछले साल 30 दिसंबर को ही इस बारे में आगाह किया था। जिस मेडिकल स्कूल से वह पढ़े थे, उसी के ऑनलाइन एल्युमनी चैट ग्रुप WeChat पर बताया कि उनके अस्पताल में स्थानीय मछली बाजार से सात मरीज आए हैं, जिनमें सार्स जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं और उन्हें अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है.

ली ने बताया कि जांच के बाद पाया गया कि यह बीमारी कोरोनावायरस है, जो वायरस का एक बड़ा परिवार है। वर्ष 2003 में भी इस वायरस ने सैंकड़ों लोगों की जान ली थी और चीन में इस वायरस की जड़ें काफी पुरानी हैं। डॉक्टर ली ने कहा, ‘मैं अपने विश्वविद्यालय के साथियों को इस बारे में आगाह करना चाहता था.’

इसके बाद चीन के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने 34 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियान्ग से पूछताछ की थी. इतना ही नहीं, वुहान पुलिस ने डॉक्टर ली वेनलियान्ग को नोटिस भी जारी किया था और उनको सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने का आरोपी बनाया गया था. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने 12 जनवरी को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. वो एक मरीज के संपर्क में आने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए थे.

डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने पिछले साल 30 दिसंबर को एक चैट ग्रुप में अपने साथी डॉक्टरों को संदेश भेजा था और इस वायरस के खतरे के बारे में बताया. डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने अपने साथी डॉक्टरों को चेतावनी दी कि वो इस वायरस से बचने के लिए खास तरह के कपड़े पहनें.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीनी डॉक्टर ली वेनलियान्ग की मौत पर दुख जताया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हम डॉक्टर ली वेनलियान्ग के निधन से बेहद दुखी हैं.

चीन से फैले कोरोना वायरस को लेकर भारत भी पूरी तरह से अलर्ट है. चीन, जापान, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले एक लाख से ज्यादा यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस की जांच के लिए अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विशेषज्ञ तैनात किए हैं. फिलहाल 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है.