PNN/ India: दिल्ली में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 50 लोगों को बचाया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने इन मौतों की पुष्टि की है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को दिल्ली के सफदरजंग और एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। 

इस हादसे में सैकड़ों लोगों को बचाया गया है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर है। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाया जा चुका है लेकिन बचाय कार्य अभी चल रहा है। 

सीएम केजरीवाल ने जताया दुख

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस अग्निकांड पर गहरा दुख जताया है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘ बेहद दुखद खबर। दमकल विभाग के कर्मचारी बचाव कार्य में लगे हुए हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती करवाया जा रहा है’। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बताया जा रहा है कि घटना के वक़्त फैक्ट्री में लोग सोए हुए थे। इस हादसे में ज्यादातर लोगों की मौत धुंए के कारण दम घुटने से हुई। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले अन्य मरीज़ों को दूसरे अस्पताल में भेजा जा रहा है। वार्ड के सभी डॉक्टर आग में झुलसे मरीज़ों में लगे हुए हैं। हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, वह उत्तर प्रदेश औऱ बिहार के बताए जा रहे हैं। मृतकों में सभी पुरुष हैं। 

आग में झुलसे लोगों को राम मनोहर लाल लोहिया, हिंदू राव अस्पताल, सफदरजंग और लोक नायक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक सुबह 5.22 मिनट पर पुलिस को आग लगने की सूचना मिली। राम मनोहर लाल लोहिया और हिंदू राव अस्पताल में 20 लोगों को भर्ती करवाया गया है। यह घटना दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी घटना बताई जा रही है। 

लोक नायक अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डॉ. किशोर कुमार ने बताया कि  उनके अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में 14 की हालत नाजुक है। डॉक्टरों की टीम इन पर नजर रख रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

बताया जा रहा है कि जहां पर आग लगी वहां पर तीन मंजिला एक ही कंपनी में सैकड़ों लोग काम कर रहे थे। कंपनी में अलग-अलग फ्लोर पर तीन कंपनियां संचालित हो रही थीं। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री 400 गज की है। इसमें गत्ते और प्लास्टिक बैग बनाए जाते थे। इसके अलावा यहां पर एक कपड़े की भी फैक्ट्री थी। यहां पर लोग काम करते थे और रात में रहते भी थे। ज्यादातर लोग घटना के वक्त सो रहे थे। आग कैसे लगी अभी तक इसकी जानकारी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी होगी। बताया जा रहा है कि कंपनी का मालिक फरार है। पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।