विकास चौधरी मर्डर केस: पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपी को किया गिरफ्तार

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PNN/ Faridabad: क्राइम ब्रांच फरीदाबाद ने हरियाणा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी मर्डर केस में एक महिला सहित दो आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी क्राइम अनिल कुमार के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 5 टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए थे। जिसपर एसपी क्राइम अनिल कुमार ने क्राइम ब्रांच डीएलएफ, क्राइम ब्रांच 85 क्राइम ब्रांच 48, क्राईम ब्रांच 65, एस.एच.ओ सै0-8 को मर्डर केस का खुलासा करने एवं आरोपियों को दबोचने का जिम्मा सौंपा था। उपरोक्त सभी टीमों अपराध घटित होने वाली जगह से इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर दो आरोपियों को गुरूग्राम से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपीयान की पहचान नरेश उर्फ चांद निवासी गांव दमदमा गुरुग्राम, रोशनी पत्नी कौशल निवासी नहारपुर रूपा गुरूग्राम के तौर पर हुई है.

एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी चांद, कौशल के घर पर पिछले कई सालों से नौकर है जो मूल रूप से दमदमा गुरुग्राम का रहने वाला है। आरोपी नरेश उर्फ चांद ने रोशनी के कहने पर विकास चौधरी का मर्डर करने वाले आरोपियों विकास उर्फ भल्ले निवासी धनवापुर गुड़गांव एवं सचिन निवासी गांव खेड़ी फरीदाबाद को हथियार उपलबध करवाएं थे।

आरोपी रोशनी ने बताया कि वह अपने पति कोशल के निर्देश पर नौकर के साथ मिलकर योजना बनाकर विकास चौधरी की हत्या करवाई थी।

एसीपी क्राइम ने बताया कि मृतक विकास चौधरी पर गोली चलाने वाले सचिन खेड़ी फरीदाबाद एवं विकास उर्फ भल्ले एवं उनके अन्य साथियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी। उन्होने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ से यह बात सामने आयी है कि कत्ल का कारण पैसों का लेन देने था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। गिरफ्तार आरोपी नरेश उर्फ चांद की निशानदेही पर वारदात में प्रयोग की गई एस.एक्स.4 गाड़ी बरामद कर ली गई है।

गौरतलब है कि 27 जून को मृतक विकास चौधरी अपने घर से सेक्टर 9 हुड्डा मार्केट स्थित जिम में कसरत करने के लिए अपनी पर्सनल फॉर्च्यूनर से करीब 9ः00 बजे पहुंचे थे। तभी कुछ बदमाशों ने उनके पीछे सफेद रंग की मारूति एस.एक्स.4 से आए और गोली मारकर विकास चौधरी की हत्या कर दी थी. जिसपर थाना सेक्टर 8 में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302,34 एवं आर्म्स एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया था।