आम आदमी की चिकित्सक सुविधाओं पर  ज़रूरत से ज़्यादा खर्चे का बोझ कम करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को किफ़ायती बनाने में अब एफोर्डप्लैन आपकी मदद करेगा. एफोर्डप्लैन आर्थिक और तकनीकी सेवाओं का ऐसा अनूठा समागम है जो इलाज में होने वाले खर्च की, बड़ी राशि को, आसानी से चुकाई जाने वाली छोटी किश्तों में बदल देता है। क्योंकि एफोर्डप्लैन के साथ शहर के कई अस्पतालों जैसे शिवमणि अस्पताल, सी.के. मैमोरियल कपूर अस्पताल, स्पर्श अस्पताल, सचदेवा नर्सिंग होम, वंदना नर्सिंग होम, पवन हॉस्पिटल, लाईफ हॉस्पिटल इत्यादि ने  साझेदारी की है। यह विशेषकर उन मरीज़ों के लिए मददगार साबित होगा जिनके पास मेडिकल बीमा नहीं है। इलाज में होने वाले खर्च की बड़ी राशि को आसानी से छोटी किश्तों में चुकाया जा सकेगा।

दरअसल, एफोर्डप्लैन, भारत में अपनी तरह का पहला फाइनेन्शियल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है जो स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च में बचत करने में मदद करता है। मरीज़ पहले से निर्धारित चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे मैटरनिटी, डेंटल, आईकेयर, नी रिप्लेसमेन्ट एवं कैटरेक्ट सर्जरी में होने वाले खर्च में बचत कर सकते हैं और रकम आसानी से चुका सकते हैं। एफोर्डप्लैन के ज़रिए, इलाज के खर्चे में लगभग 15-20 % बचत की जा सकती है। पूरे भारत में 800+ फार्मेसी,पैथलैब, अस्पतालों एवं स1हायक चिकित्सा संगठनों ने एफोर्डप्लैन के साथ साझेदारी कर ली है। दिल्ली एनसीआर में छोटे एवं मध्यम श्रेणी के 60% से अधिक अस्पतालों ने एफोर्डप्लैन को समझ कर अपना लिया है।

फरीदाबाद मेडिकल सेंटर के डॉ. संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एफोर्डप्लैन मरीज़ों की मदद के लिए एक ऐसी सुविधा है जो पहले से निर्धारित चिकित्सा प्रक्रियाओें के खर्च में बचत करता है। यह मरीज़ों के लिए व्यवस्थित, ऋण रहित एवं आसान विकल्प है।

एफोर्डप्लैन के सह-संस्थापक एवं सीईओ, तेजबीर सिंह का कहना है – “स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। अक्सर अचानक होने वाले इस तरह के खर्चे मरीज़ और उसके परिवार पर भारी पड़ते हैं। हमारे सेविंग प्लैन के ज़रिए मरीज़ इलाज के खर्च को आसानी से चुका सकते हैं’’। एफोर्डप्लैन के द्वारा मरीज़ अपनी सुविधानुसार रोज़ाना, साप्ताहिक या मासिक आधार पर तथा एफोर्डप्लैन डेस्क या स्थानीय फार्मेसी पर, बैंक ट्रांसफर या ऑनलाईन पेमेन्ट के ज़रिए यह राशि चुका सकते हैं या उनके घर से भी राशि एकत्रित की जा सकती है।