PNN/ Faridabad: इस जहां में मेरे दोस्तों कोई भारत से प्यारा नहीं….. जो वतन का नहीं है मेरे….. वह हरगिज हमारा नहीं.

देर शाम तक चली काव्य गोष्ठी में हास्य कवि आफताब आलम शाह, ऑल इंडिया मेडिकल के चिकित्सक सामाजिक सेवा अधिकारी, नई दिल्ली ने शिक्षा और आधुनिकता की दौड़ में रही विकृतियों पर अपनी रचनाओं से प्रहार किया. श्रोताओं ने कवि की हर पंक्तियों का लुत्फ उठाया और खूब तालियां बजाई.

अवसर था विवेकानंद जयंती के उपलक्ष में राष्ट्रीय साहित्य मंच (रजि.) द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन, जो महाराणा प्रताप भवन सेक्टर 8 फरीदाबाद में आयोजित किया गया. जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से तमाम कवियों ने संस्कृति, राजनीति, आजादी सहित वर्तमान हालात पर कटाक्ष करती कविताएं प्रस्तुत की.

कार्यक्रम दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ. कार्यक्रम 5:00 बजे शाम तक चला और श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया। कार्यक्रम का आगाज राष्ट्रीय साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संरक्षक दिनेश रघुवंशी ने संयुक्त रूप से किया.

काव्य मंच संचालन दिनेश रघुवंशी ने किया. उन्होंने हिन्दी का महत्त्व रचनाएं प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

कवि सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता मोहम्मद जावेद अली राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ, धौज फरीदाबाद, फरीदाबाद की जानी मानी हस्ती एडवोकेट एवं शायर अब्दुल रहमान मंसूरी, भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता मुस्ताक कादरी सहित अन्य राजनैतिक एवं सामाजिक लोग बतौर अतिथि कार्यक्रम का शोभा बढ़ाया.

इस अवसर पर मोहम्मद जावेद अली ने कवियों को माला पहनाकर उनका सम्मान करते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय चरित्र अपनाने की जरूरत है तब जाकर समाज का सच्चा भला होगा। उन्होंने साहित्य, संस्कृति और कला को जीवन का आधार बताया. जावेद अली ने कहा कि कवि समाज को सच्चा दर्पण दिखाकर उन्हें सही दिशा में ले जाने का कार्य करते हैं.

इस दौरान संस्था की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार सोनी के साथ-साथ आदर्श, अशोक सोनी इत्यादि का सम्मान राष्ट्रीय साहित्य मंच के संरक्षक दिनेश रघुवंशी ने किया. अंत में दादा रघुवंशी ने फरीदाबाद में आए सभी कवियों का स्वागत कर फरीदाबाद का गौरव बढ़ाया.