PNN/ Badahalganj: बड़हलगंज स्थित प्राचीन तरकुलही घाट (जहाज एवं स्टिमर घाट) पर हजारों की तादाद में इकट्ठा हुए श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से देव दीपावली महापर्व को मनाया. इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी सेवादारी में उपस्थित रहे. लोगों ने तरकुलही खाट पर हजारों दीपों से माता सरजू के पावन तट को सजाया गया, जो बेहद ही मनोरम दृश्य था.

दरअसल, हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह पर्व प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, ऐसी कहा जाता है कि आज ही के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था।

त्रिपुरासुर को ब्रह्मा जी द्वारा यह वरदान प्राप्त था कि उसे देवता, स्त्री, पुरुष, जीव ,जंतु, पक्षी या कोई निशाचर नहीं मार सकता है। इसलिए शिवजी ने अर्धनारीश्वर का रूप लेकर उसका वध किया और देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी।

इसी ख़ुशी में देवताओं ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन शिव की नगरी काशी में दीप जलाकर दिवाली मनाई थी। उन्होंने यहाँ दीप दान भी किया। कहते हैं कि आज के दिन काशी में देवताओं का आगमन होता है।