PNN/ Faridabad: जे.सी. विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज नोवेल कोरोनावायरस (कोविड-19) के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से 31 मार्च, 2020 तक विश्वविद्यालय परिसर को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय में सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की उचित सफाई और सैनिटाइजिंग की जायेगी। साथ ही, विश्वविद्यालय के प्रवेश मार्गों पर थर्मल स्कैनर भी लगाए जाएंगे।

इस आशय का निर्णय आज यहां कुलपति प्रो. दिनेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है, जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा नॉवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम के लिए उठाए गए विभिन्न एहतियाती कदमों की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्णय लिये गये। बैठक में कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग, सभी डीन, विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया कि कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के दृष्टिगत विश्वविद्यालय ने 31 मार्च, 2020 तक कक्षाएं पहले ही स्थगित कर दी है। सभी छात्रावासों को खाली करवा लिया गया है। इस दौरान होने वाली सभी परीक्षाओं और शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक व अन्य गतिविधियों को रद्द अथवा स्थगित कर दिया गया है।


विश्वविद्यालय द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों की समीक्षा करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अधिकारियों को परिसर में सभी प्रकार की पब्लिक डीलिंग को प्रतिबंधित करने और कोरोनावायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की उचित सफाई और सेनिटाइजिंग करने के निर्देश दिये। 

कुलपति ने विश्वविद्यालय को पूर्णतः बंद करने का निर्देश देते हुए विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वह इस बात का ध्यान रखे कि विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुक्सान न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री और असाइनमेंट के ई-संसाधन उपलब्ध करवाये और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ जुड़े रहे ताकि विद्यार्थी अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछ सके और अपनी समस्याओं का समाधान कर सके। 

प्रशासनिक कार्यों के लिए व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह निर्णय भी लिया गया कि गैर-शिक्षण कर्मचारियों को विभागाध्यक्षों द्वारा आवश्यकता अनुसार बुलाया जा सकता है। साथ ही कहा गया है कि यदि कर्मचारियों की तत्काल आवश्यकता नहीं है, तो उन्हें घर से काम करने के लिए कहा जाये। कर्मचारियों को बिना अनुमति के स्टेशन न छोड़ने की भी हिदायत दी गई है। 
कुलपति ने विश्वविद्यालय में सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आवश्यकता अनुसार विभिन्न कार्यालयों को प्रदान करने का भी निर्देश दिये। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर उचित स्वास्थ्य देखभाल के लिए निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में भेजे।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डोर नॉब, स्विच, डेस्कटॉप, हैंड रेलिंग जैसी बार-बार छुए जाने वाली सतहों को कीटाणुरहित करने तथा विश्वविद्यालय में विभिन्न स्थलों पर एल्कोहल युक्त हैंड क्लीनर या सैनिटाइजर उपलब्ध करने के निर्देश दिये।