PNN/ Faridabad: 34वें सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेले में नहरपार सेक्टर-89 स्थित भारत संस्कार स्कूल के बच्चों ने आज जमकर मौजमस्ती किया। मेले में बच्चों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर नाचे। बच्चों ने दोनों चौपालों पर आयोजित कई प्रदेशों के सास्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद लिया।

मेले में मस्ती की पाठशाला

मेले में जगह-जगह पर बंचारी, बीन वादन, ढोल नगाड़ों की प्रस्तुतियों पर बच्चों ने कलाकारों के साथ जमकर थिरके। बच्चों ने मेला परिसर में सजाए गए हिरण, हाथी, पक्षियों आदि जानवरों की मूर्तियों के साथ फोटो खिंचवाये।

विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन

मेले में राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद के सहयोग से विज्ञान प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसमें स्कूली बच्चों को खेल-खेल में बहुत सी वैज्ञानिक गतिविधियों के बारे में बताया गया। प्रदर्शनी में विज्ञान के सरल प्रयोगों के बारे में व चमत्कारों की व्याख्या कठपुतलियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मतीन अंसारी ने समझाया।

विद्यालय के चेयरमैन  दुष्यंत सैनी ने बताया कि परंपरा विरासत और संस्कृत के अद्भुत समन्वय के साथ-साथ माटी की महक सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की पहचान है. यह एक बेहतर प्लेटफॉर्म है जहां बच्चों को अपनी सभ्यता और पंरपराओं को जानने के अलावा दुनिया के विभिन्न देशों की सभ्यता, खान पान और रहन सहन के बारे में जानने का मौका मिलता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे जगहों पर बच्चों को ले जाने से उनकी मानसिक तनाव कम होती है. बच्चे कुछ नया सीखते हैं, और आगे चलकर कुछ नया अविष्कार करते हैं. दुष्यंत सैनी ने अंत में कहा कि भारत संस्कार स्कूल बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में अपना योगदान देने के लिए तरह तरह के कार्यक्रमों को स्कूल में आयोजित करता रहता है ताकि बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके।