PNN/ FARIDABAD: ईओडब्ल्यू एनआईटी सेल ने फर्जी जीपीए कर लोगों के प्लाट बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। शिकायतकर्ता धर्मवीर ने ईओडब्ल्यू एनआईटी सेल को शिकायत कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनकी 544 वर्ग गज जमीन की फर्जी जीपीए करा कर किसी को बेच दी है।

जिसपर आरोपियों के खिलाफ थाना मुजेसर में मुकदमा नंबर 847, 21 दिसंबर 2018 को धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 201 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था।

ईओडब्ल्यू एनआईटी सेल प्रभारी इंस्पेक्टर मदन सिंह ने अनुसंधान अधिकारी सहायक उप निरीक्षक संदीप शहीद टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की।

प्रभारी इंस्पेक्टर मदन ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि अमित बैंसला, श्रीकांत वर्मा, अमित मेहता एवं राजेश कुमार ने फर्जी जीपीए कर मुद्दई धर्मवीर के प्लाट को किसी और को बेच दिया है। जिसपर आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी अमित एवं राजेश काफी समय से इसी तरह के काम कर रहे हैं. आरोपी अमित के खिलाफ दिल्ली एवं हरियाणा में इस तरह के कई मुकदमे भी दर्ज हैं।

आरोपी राजेश कुमार कश्मीरी गेट तहसील, दिल्ली में बैठता है और लोगों की फर्जी जीपीए बनाने का कार्य करता है।

इंस्पेक्टर मदन ने बताया कि आरोपियों ने अपने पास पुराने स्टांप रखे हुए थे, जिनपर पुरानी डेट ही डाल कर फर्जी जीपीए करते थे। ताकि पुराने कागज के हिसाब से भी किसी को शक ना हो।

गिरफ्तार आरोपियों से सब रजिस्ट्रार, शिक्षा विभाग, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, चिकित्सा विभाग आदि की कुल 60 मोहरे एवं काफी पुराने 56 खाली स्टांप पेपर बरामद किए गए हैं।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है. मामले में संलिप्त अन्य तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।