PNN India: देश में ऐसी मशीन आ चुकी है जो कोविड-19 के वायरस को सरफेस और हवा में 99 प्रतिशत तक खत्म कर सकती है। इसे बनाने वाली कंपनी का दावा है किइस एयर डिसइंफेक्शन मशीन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में पिछले करीब 10 साल से बैक्टीरिया को मारने के लिए हो रहा था और कोरोनावायरस को खत्म करने में भी यह कारगर साबित हुई है। आइए, जानते हैं कि आखिर कैसे काम करती है यह मशीन।

महज दो घंटे में असर

इस साल की शुरुआत में जनवरी में यूनिवर्सिटी ऑफ बार्सिलोना ने इसकी रेस्पिरेटरी सिंक्राइटियल वायरस (RSV) पर जांच की। इस दौरान महज दो घंटे में इस मशीन ने वेट कंडीशन में 99 फीसदी और ड्राय कंडीशन में 92 फीसदी तक वायरस खत्म किया।

कारगर साबित होगी आरएसवी (RSV) को कोरोना से भी अधिक खतरनाक वायरस माना जाता है। आएसवी के संक्रमण से फेफड़े बुरी तरह डैमेज हो जाते हैं और पीड़ित का बचना बहुत मुश्किल हो जाता है। आरएसवी पर जांच के आधार पर निर्माता दावा कर रहे हैं कि यह मशीन कोरोना वायरस रोकने में भी बहुत कारगर साबित हो रही है। 

देश में भी उपलब्ध कंपनी का दावा है कि यह मशीन 500 से 800 वर्गफीट के दायरे में क्षेत्र को दो घंटे में संक्रमण मुक्त कर देती है। इस मशीन का इस्तेमाल स्पेन, वुहान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अस्पताल से लेकर ऑफिस जैसी जगहों को संक्रमण मुक्त करने के लिएकिया जा रहा है। अब यह मशीन जल्द ही भारत में भी उपलब्ध है। दिल्ली में यह मशीन आ चुकी है और देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच जाएगी।

आखिर कैसे खत्म करती है वायरस

निर्माता कंपनी के मुताबिक, मशीन में लगे कार्ट्रिज में हाइड्रोजन पैरॉक्साइड भरा होता है। यह ओएच रेडिकल प्रोड्यूस करता है, जो वायरस की प्रोटीन लेयर में मौजूद हाइड्रोजन से केमिकल रिएक्शन करके वायरस को खत्म करने का काम करते हैं।

24 घंटे ऑन रहे तो तीन महीने चलेगा

कंपनी के मुताबिक, इस मशीन को 24 घंटे चलाया जाए तो कार्ट्रिज में मौजूद हाइड्रोजन परॉक्साइड तीन महीने तक चलेगा। इसके बाद इसे रिफिल करवाना होगा। जिसका खर्चा 3500 रुपये तक आएगा।

जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल इस मशीन के बारे में कहा जा रहा है कि इसका जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकता है। घर के लोगों का कहीं आना-जाना नहीं हो तो घर को संक्रमण मुक्त करने के लिए हफ्ते में एक बार चला लेना भी काफी होगा। 

दक्षिण कोरिया की कंपनी ने बनाया

दक्षिण कोरिया की वेलिस कंपनी नेइस मशीन को बनाया है। पिछले 10 साल से जगहों को बैक्टीरिया मुक्त करने में इसका इस्तेमाल होता आ रहा है। कोरोना वायरस पर इसका असर जानने के लिए मशीन को जांच के लिए बार्सिलोना यूनिवर्सिटी भेजा गया, जहां पता चला कि मशीन कोरोना संक्रमण खत्म करने में भी कारगर है।

कितनी पड़ेगी कीमत?

कोरोना वायरस के खिलाफ इसका प्रभाव जानने के बाद कंपनी ने इसे दुनियाभर के बाजार में उतारने का फैसला लिया। इस मशीन की भारत में कीमत 65 से 75 हजार रुपए के बीच होगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कंपनी का दावा सही साबित होता है तो कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने में यह मशीन काफी हद तक कारगर होगी। खासकर अस्पतालों और कार्यस्थलों पर इस मशीन का उपयोग सकारात्मक साबित होगा।