PNN India: कोरोना संक्रमण के चलते 21 दिनों के लंबे लॉकडाउन से घरों में बैठकर ऊब रहे स्कूली बच्चों के लिए फिलहाल राहत भरी एक बड़ी खबर है। एक अप्रैल से उनकी कक्षाएं शुरू हो जाएगी। हालांकि यह स्कूल में नहीं, घरों में ही लगेंगी। जिसे वह टीवी, यू-ट्यूब चैनेल सहित दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से अटेंड कर सकेंगे। साथ ही किस विषय की क्लास कब लगेगी और कौन सा चैप्टर पढ़ाया जाएगा, उसकी सारी जानकारी स्कूल अपने बच्चों को मोबाइल मैसेज और मेल के जरिए देगा.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय फिलहाल एनसीईआरटी, सीबीएसई और एनआईोएस के साथ मिलकर इस पूरी योजना को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। इसके साथ ही देश भर के सभी शैक्षणिक बोर्डो से भी इस पूरे प्लान को अपने से संबद्ध स्कूलों तक पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा है.

सरकार की कोशिश है कि घर में बैठे छात्रों को कैसे भी करके पढ़ाई से जोड़कर रखा जाए, ताकि स्कूलों के खुलने के बाद वह तेजी से आगे बढ़ सके। यही वजह है कि इस योजना के तहत छात्रों तक ज्यादा से ज्यादा पाठ्य सामग्री पहुंचाने की भी तैयारी है। इसके साथ ही फोन-इन प्रोग्राम, स्टूडियो क्लास आदि आयोजित की जाएगी.

योजना से जुड़े मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सभी स्कूलों को इसे लेकर तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही शिक्षकों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं इसे लेकर स्कूलों की ओर से जल्द ही बच्चों और अभिभावकों को मोबाइल या ई-मेल पर सूचना भी दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों की कैसे क्लास लगेगी, इसकी भी पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही इसके लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। ताकि छात्रों को किसी तरह का संदेह होने पर वह सीधे संपर्क कर सकेंगे.

प्रस्तावित योजना के तहत छात्र यदि अपनी ऑनलाइन आयोजित होने वाली किसी क्लास किन्ही कारणों से अटेंड करने से चूक जाते हैं तो बाद में वह उसे यू-ट्यूब पर देख सकेंगे। इसके साथ ही कोशिश यह भी है कि हर दिन के क्लास के वीडियो अभिभावकों के मोबाइल पर भेज दिए जाएं। ताकि छात्र बाद में किसी तरह की कठिनाई होने पर उसे देखकर समझ सकें.

प्रस्तावित योजना में यह भी साफ किया गया है कि ऑनलाइन कराई जाने वाली इस पढ़ाई का परीक्षा से कोई जुड़ाव नहीं होगा। यह सिर्फ छात्रों को स्कूलों के बंद होने और 21 दिनों तक घरों में कैद रहने से होने चिंताओं से उबारने की एक पहल है. (सोर्सेस न्यूज़)