PNN India: देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमितों को देखते हुए ओडिशा सरकार कोरोना संक्रमितों के लिए देश का सबसे बड़े दो अस्पतालों की स्थापना करने जा रही है। इस अस्पताल में सिर्फ कोरोना पीड़ितों को इलाज किया जाएगा। इस अस्पताल में 1000 बेड की क्षमता होगी और इसका काम 2 सप्ताह में शुरू हो जाएगा।

राज्य सरकार ने अस्पतालों को चलाने के लिए गुरुवार को केआईएमएस और एसयूएम अस्पतालों तथा परियोजना के लिए धन जुटाने के वास्ते दो सरकारी कंपनियों ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (ओएमसी) और महानदी कोलफील्ड लिमिटेड (एमसीएल) के साथ करार किया। सरकार ने कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए 10000 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने के लिए दोनों अस्पतालों के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। 

ओएमसी और एमसीएल इस अस्पताल के लिए सीएसआर फंड प्रदान करेंगे। पहले समझौते के तहत राज्य स्वास्थ्य सचिव निकुंज धल, ओएमसी प्रबंध निदेशक विनील कृष्णा और केआईएमएस प्रबंधन ने 500 बिस्तरों का अस्पताल स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। दूसरा समझौता 500 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए स्वास्थ्य सचिव, एमसीएल के एस एस पांडा तथा एसयूएम अस्पताल प्रबंधन के बीच हुआ। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भागीदारों को बधाई दी और जनहित में आगे आकर काम करने के लिए ओएमसी और एमसीएल को धन्यवाद दिया। 

इस बीच पटनायक ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील की कि 21 दिन के लॉकडाउन के कारण उनके राज्य में फंसे ओडिशा के लोगों की सहायता करें और उन्हें भोजन, आवास और सुरक्षा मुहैया कराएं। पटनायक ने सभी मुख्यमंत्रियों को संबोधित एक पत्र में कहा,‘मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आपके राज्य के किसी भी हिस्से में फंसे ओडिशा के किसी भी व्यक्ति या समूह को कृपया भोजन, आवास और सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करें।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सुरक्षित रखने पर जो भी खर्च होगा, वह ओडिशा सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि यदि यह संदेश सभी जिलाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाता है तो वह इसके लिए आभारी होंगे।