PNN India: औरंगाबाद रेल हादसे में 16 प्रवासी मजदूरों की मौत को लोग भुला नहीं पाए हैं, ऐसे दो और बड़े हादसे होते-होते बच गए। शुक्रवार को पुणे और शनिवार को वीरभूमि के नलहटी में दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं ड्राइवरों की सूझबूझ से टल गईं। अलर्ट ट्रेन ड्राइवरों ने ट्रैक पर चलते प्रवासी मजदूरों को दूर से ही देख लिया और समय रहते ब्रेक लगा दिया।

मध्य रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक पुणे जा रही मालगाड़ी के ड्राइवर को उरुली कांचन स्टेशन के पास रेल ट्रैक पर कुछ लोग चलते हुए और कुछ लोग बैठे हुए दिखाई दिए.

…तो हो सकता था औरंगाबाद जैसा हादसा

पटरी पर इन्हें देखते ही ट्रेन ड्राइवर के होश उड़ गए. उसने दूर से ही मालगाड़ी का हॉर्न बजाना शुरू किया. गनीमत ये रही कि मजदूरों ने हॉर्न पर ध्यान दिया और वे पटरी से किनारे आ गए. हालांकि मालगाड़ी के ड्राइवर ने किसी तरह का खतरा मोल नहीं लिया और मालगाड़ी का इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया.

तेज आवाज के साथ ट्रेन के पहिये पटरी से रगड़ाए और ट्रेन कुछ दूर चलने के बाद आखिरकार रुक गई. इस घटना से मजदूर तो डर ही गए थे, ट्रेन रुकने के बाद ड्राइवर की जान में जान आई. ड्राइवर ने मजदूरों को समझाया कि वे किसी भी हालत में ट्रेन की पटरी पर न चलें.

पटरी पर यात्रा कतई न करें

बता दें कि लॉकडाउन में यातायात के साधन बंद होने की वजह से सैकड़ों मजदूर रेलवे पटरी पर ही यात्रा कर रहे हैं. ऐसी स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ऐसे ही एक हादसे में 16 मजदूरों को एक मालगाड़ी ने रौंद दिया था. ये मजदूर ट्रेन पकड़ने के लिए रेल की पटरी पर ही चल रहे थे और रात में पटरी पर ही सो गए थे. सुबह इसी रूट से गुजर रही एक ट्रेन ने इन मजदूरों को कुचल दिया था.