PNN/ Faridabad: सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाहीं से पलवल के श्याम नगर कॉलोनी निवासी भगवत दयाल (38)की मौत हो जाने के मामले में पीड़ित परिजनों ने पलवल में एक पत्रकारवार्ता कर पुलिस व प्रशासन से उनके भाई का उपचार कर रहे डॉक्टर प्रबल रॉय व उनकी टीम और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज कराकर उनके खिलाफ सख्त करवाई किये जाने की मांग की है।
 
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए भरतलाल शर्मा (दिवंगत के बड़े भाई) ने बताया कि पूरे 1 माह बीतने को है पर इस मामले में अभी तक पुलिस व प्रशासन की तरफ से डॉक्टर व अस्पताल के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसके चलते परिजनों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि उनका भाई स्वयं घर से चलकर अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने गया था उसे कोई भी गंभीर बीमारी नहीं थी। उन्होने कहा कि इस मामले के संदर्भ में वह अपने स्थानीय विधायक दीपक मंगला को लिखित ज्ञापन दे चुके है तथा फरीदाबाद पुलिस कमिश्रर को लिखित कंपलेंट व जिला उपायुक्त को भी एक लिखित शिकायत दी जा चुकी है पर पुलिस व जिला प्रशासन एवं जिला सिविल सर्जन के द्वार कोई प्राथमिकता दिखाते हुये कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होने कहा कि जब वह पुलिस से कार्यवाही के लिये कहते हैं तो पुलिस उन्हे बिसरे की रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों द्वारा निर्णय लिये जाने की बात कहते है कि डॉक्टरों की टीम निर्धारित करेगी की ईलाज में लापरवाही है या नहीं। और बिसरे की रिर्पोट का तो अभी कोई अता-पता भी नहीं है। उन्होने कहा कि इसी धीमी गति से यदि जांच होगी तो उन्हे न्याय कैसे मिलेगा।

भरतलाल शर्मा ने कहा कि व इस संदर्भ में केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा सकरकार में कैबीनेट मंत्री मूलचंद शर्मा को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर व अस्पताल के विरूद्ध सख्य कार्यवाही किये जाने की मांग करेंगे और यदि इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती है तो वो व उनका पूरा परिवार विधायक दीपक मंगला के घर के आगे आमरण अनशन पर बैठेगा जिसके लिये प्रशासन जिम्मेवार होगा।

गौरतलब है कि 5 नंबर 2019  को भगवत दयाल, श्याम नगर, पलवल निवासी अपनी पथरी के ऑपरेशन के लिए सेक्टर-16 क्यूआरजी अस्पताल में गये थे जिनका डॉक्टर प्रबल रॉय व उनकी टीम ने ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन में डॉक्टरों ने गालब्लेडर तो निकाल दिय पर पथरी नली में फंस जाने की बात कही। बाद में मरीज की तबीयत खराब हो जाने के बाद डॉक्टरो ने भगवत दयाल की ओपन सर्जरी कर डाली जिसके बाद मरीज वेंटिलेटर पर चला गया। उसके बाद मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर से पूछने के बाद भी मरीज के विषय में नहीं बताया गया। पांच नवंबर शाम को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।